पढ़ावली : चंबल का अनमोल और छुपा हुआ खजाना
बटेश्वर मंदिर समूह : भारत का ऐसा मंदिर समूह जिसके पुनर्निर्माण में डाकू ने दिया योगदान पढ़ावली मंदिर चंबल और बीहड़ का नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले जो तस्वीर सामने आती है वो डकैतों की है। एक समय था जब चंबल नदी के आसपास के क्षेत्र और बीहड़ में डाकुओं का बोलबाला था। लोग डाकुओं के आतंक से परेशान थे लेकिन आज ये इलाका सांस ले रहा है। खुली हवा का आनंद ले रहा है। जैसे पहले लिया करता था। चंबल नदी के आसपास के इलाके में 6वीं से 13वीं शताब्दी (Century) के कई ऐतिहासिक स्थल (Historical Site) देखने को मिलते हैं। इन्हीं ऐतिहासिक स्थल में एक है पढ़ावली(Padhavali)। पढ़ावली गढ़ी का सिंह द्वार पढ़ावली, मुरैना से 29 किमी और ग्वालियर से 35 किमी दूर स्थित है। पढ़ावली अपने मंदिर और गढ़ी के लिए जाना जाता है। पढ़ावली गांव में एक गढ़ी (Fortress) है जिसे गढ़ी पढ़ावली कहते हैं। यहां एक गढ़ी के अंदर एक मंदिर है जो आकर्षण का केंद्र है। गढ़ी तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनाई गईं हैं। सीढ़ियों की शुरुआत मेें ही दोनों तरफ शेर और शेरनी की मूर्ति लगी हुई जो म...