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जबलपुर : मार्बल रॉक का शहर जहां नर्मदा नदी के किनारे देखने को मिलते हैं अलग-अलग रंगों के मार्बल

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आर्ट इचौल : आर्ट और आर्ट लवर्स के लिए जन्नत             धुआंधार फॉल्स, भेड़ाघाट , जबलपुर जबलपुर एमपी का तीसरा सबसे बड़ा शहर है। टूरिज्म के लिए पॉपुलर डेस्टिनेशन में से जबलपुर अपने नेचुरल और ऐतिहासिक जगहों के लिए जाना जाता है। जबलपुर को सिटी ऑफ मार्बल रॉक के नाम से भी जाना जाता है।  नर्मदा नदी किनारे स्थित आध्यात्म की बयार हो या कचनार सिटी में स्थित शिव की विशाल प्रतिमा सबकुछ बेमिसाल है। करोड़ों साल से 10 इंच जगह पर टिकी 40 टन की चट्टान हो या पहाड़ी पर स्थित मदन महल से शहर को निहारना आश्चर्य से भरा है। नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम से लेकर डुमना नेचर पार्क हो या नर्मदा नदी में नौका विहार करते हुए अलग-अलग रंगों की मार्बल रॉक को निहारना अद्वितीय है। आइए देखते हैं जबलपुर में और कुछ खास क्या है...    धुआंधार फॉल्स के पास स्थित चौंसठ योगिनी मंदिर चौंसठ योगिनी मंदिर भारत विश्व के उन देशों में से एक है जहां मूर्तिकला और स्थापत्यकला का विकास साथ-साथ हुआ। भारत में बड़े-बड़े महलों से लेकर मंदिर तक बेमिसाल कारीगरी के नमूने हैं। पत्थ...

आर्ट इचौल : आर्ट और आर्ट लवर्स के लिए जन्नत

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चांद बावड़ी : दुनिया की सबसे गहरी और पुरानी बावड़ी जहां बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है खपरैल कोठी, आर्ट इचौल जब भी गांव के बारे में ख्याल आता है तो मन में एक तस्वीर उभरकर आती है कि कच्ची सड़क होगी, सड़क पर आवारा जानवर होंगे और अधनंगे बच्चे सड़क पर जानवरों के पीछे दौड़ लगा रहे होंगे। सड़क किनारे घरों के बाहर बने चबूतरों पर लोग गप्पे लगा रहे होंगे या किसी पेड़ के नीचे लोगों की चौपाल लगी होगी। छानी वाले  कच्चे घर होंगे जिस पर पक्षी चहचहा रहे होंगे और सामान्य आदमी की लंबाई से कम ऊंचे दरवाजे से निकलता व्यक्ति अपने खेत की ओर जा रहा होगा। खेत की लहलहाती फसल में किसान या तो पानी दे रहा होगा या खाद या खेत में घुस आए आवारा जानवर को डंडे से भगाने के जतन कर रहा होगा।  ब्रिक टेंपल, आर्ट इचौल गांव की शांत और शांति को तोड़ने वाला कोलाहल दोनों मौजूद होता है। बस ये शहर के कोलाहल से थोड़ा अलग होता है । इन सब के बीच  मैं कहूं कि भारत के गांव की इस विशेषता के बावजूद एक गांव ऐसा है जहां कला बसती है। कला भी इस तरह जहां वेस्ट मटेरियल से लेकर पत्थर स...

चांद बावड़ी : दुनिया की सबसे गहरी और पुरानी बावड़ी जहां बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है

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चांद बावड़ी  पहेली, भूमि, भूल-भुलैया, द फॉल और द डार्क नाइट राइजेस इन सारी फिल्मों में एक समानता है जो इन्हें राजस्थान की एक जगह से जोड़ती है। बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड की ये फिल्में इस जगह की भव्यता, सुंदरता और विशालता को एक साथ लाकर फिल्मों को और ज्यादा रोचक बनाया गया। राजस्थान की ये जगह है दौसा जिले का "आभानेरी"। आभानेरी जिसे सूर्य की नगरी (The City Of The Sun) भी कहा जाता है। राजस्थान के दौसा जिले में स्थित आभानेरी है। इस जगह को लोग चांद बावड़ी (Chand Stepwell) की वजह से जानते हैं। चांद बावड़ी भारत की सबसे गहरी और पुरानी बावड़ी है। इसकी भव्यता और सुंदर देखते ही बनती है। पूरा बावड़ी परिसर (premises) वर्गाकार है। बावड़ी के चारों ओर बरामदे बने हुए हैं। शायद ये बरामदे आराम फरमाने के लिए बनवाया गया है। आजकल इन बरामदों में ढेर सारी मूर्तियां रखी गईं हैं। जिन्हें हर्षद माता मंदिर और बावड़ी के आसपास पाया गया है। यह बावड़ी भारतीय पुरातत्व विभाग (Archeological Site Of India) के अंतर्गत आती है। भारत की सबसे गहरी बावड़ी  इस बावड़ी को देखकर लगता है कि इसे इतिहा...